फ़्रांस की राज्य क्रांति, मत्वपूर्ण तथ्य:-
-फ़्रांस की राज्य क्रांति 1789 इस्वी में लुई सोलहवाँ के शासनकाल में हुई। इस समय फ़्रांस में सामंत व्यवस्था थी।
-14 जुलाई, 1789 इस्वी को क्रांतिकारियों ने बास्तील के काराग्रह के फाटक को तोड़कर बंदियों को मुक्त कर दिया। तब से 14 जुलाई को फ़्रांस में 'राष्ट्रिय दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
-"मैं ही राज्य हूँ और मेरे शब्द ही कानून है।" यह कथन है-लुई चोदहवां का।
-वर्साय के शीशमहल का निर्माण लुई चोदहवा ने करवाया था।
-वर्षाय को फ़्रांस की राजधानी लुई चोदहवा ने बनाया था।
-लुई सोलहवा 1774 इस्वी में फ़्रांस की गद्दी पर बेठा।
- लुई सोलहवा की पत्नी मेरी ऑस्ट्रिया की राजकुमारी थी।
-राष्ट्र की समाधी वर्साय का भड़कीला राजदरबार था।
- लुई सोलहवा को देशद्रोह के अपराध में फांसी दी गई।
-टेले एक प्रकार का भूमि कर था।
-फ़्रांसिसी क्रांति में वाल्तेयर, मोंतेस्क्यु एवं रूसो ने सर्वाधिक योगदान किया।
वाल्टेयर चर्च का विरोधी था।
-रूसो फ़्रांस में प्रजातंत्रात्मक शासन पद्दति का समर्थक था।
-"सौ चूहों की अपेक्षा एक सिंह का शासन उत्तम है" यह उक्ति वाल्टेयर की है।
-सोशल कॉन्ट्रैक्ट रूसो तथा लटेर्स ओन इंग्लिश वाल्टेयर की रचना है।
-'कानून की आत्मा ' की रचना मोंतेस्क्यु ने की थी।
-स्टैट्स जनरल के अधिवेशन की शुरुआत 5 मई, 1789इस्वी में हुई थी।
माप तौल की दशमलव प्रणाली फ़्रांस की देन है।
-संस्कृतिक राष्ट्रीयता का जनक हर्डर को कहा जाता है।
-नेपोलियन का जन्म 15 अगस्त, 1769 इस्वी को कोर्सिका द्वीप की राजधानी अजाजसियो में हुआ था।
- नेपोलियन के पिता का नाम कार्लो बोनापार्ट था।
- नेपोलियन ने ब्रिटेन के सनिक अकादमी में शिक्षा प्राप्त की।
-1796 इस्वी में नेपोलियन ने इटली में ऑस्ट्रिया के प्रमुख को समाप्त किया।
-फ़्रांस में डायरेक्टरी के शासन का अंत 1799 इस्वी में हुआ।
-नेपोलियन 1799 इस्वी में प्रथम कोंसल बना और 1802 इस्वी में जीवनभर के लिए कोंसल बना।
-1804 इस्वी में नेपोलियन फ़्रांस का सम्राट बना।
-आधुनिक फ़्रांस का निर्माता नेपोलियन को मन जाता है।
- नेपोलियन ने ही सर्वप्रथम इंग्लैंड को 'बनियों का देश' कहा था।
- नेपोलियन ने पत्नी जोजेफाइन को तलाक देकर ऑस्ट्रिया की राजकुमारी मोरिया लुइसा से शादी की।
- ट्राल्फ़गर का युद्ध 21 अक्टूबर,1805 ईस्वी में इंग्लैंड एवं नेपोलियन के बीच हुआ।
- नेपोलियन ने बैंक ऑफ़ फ़्रांस की स्थापना 1800इस्वी में की।
- नेपोलियन ने कानूनों का संग्रह तैयार करवाया,जिसे नेपोलियन का कोड कहा जाता है।
- नेपोलियन ने नील नदी के युद्ध में अंग्रेजी जहाजी बड़े के नायक नेल्सन के हाथों बुरी तरह पराजित होना पड़ा।
-यूरोप के राष्ट्रों ने मिलकर 1813 इस्वी मे नेपोलियन को लिपजिग नामक स्थान पर हरा दिया उसे बंदी बनाकर एल्बा के टापू पर भेज दिया गया; वह एल्बा से भाग निकला और पुन फ़्रांस का सम्राट बना।
अंततः मित्र राष्ट्रों की सेना ने नेपोलियन को 18 जून,1815इस्वी को वाटरलू के युद्ध में पराजित कर बंदी बना लिया और उसे संत हेलेना द्वीप पर भेज दिया। वहाँ 1821 इस्वी में उसकी म्रत्यु हो गयी। नेपोलियन लिट्स कारपोरल के नाम से जाना जाता है।
- नेपोलियन के पतन का कारण था, उसका रूस पर आक्रमण करना।
-इंग्लैंड के वाणिज्य एवं व्यापर का बहिस्कार करने के लिए नेपोलियन ने महाद्वीपीय व्यवस्था का सूत्रपात किया था।
-विएना कांग्रेस समझोता के तहत यूरोप के राष्ट्रों ने 1815इस्वी में फ़्रांस के प्रभुत्व को समाप्त किया।
फ़्रांस की राज्य क्रांति, मत्वपूर्ण तथ्य:-
Important Notes Day #2
Important Notes.........
1.श्रेंगेरी, बद्रीनाथ, द्वारका और पुरी में चार 'मठ' आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित किये गये थे।
2.मुदुमलाई पशुविहार प्रशिद्ध है- व्याघ्रो के लिए।
3.ICC द्वारा शेन वार्न को' 20th शताब्दी का क्रिकेटर' घोषित किया गया है।
4.xxx ओलंपिक खेलों के लिए स्थान लन्दन नगर है।
5.2011 की जनगणना के
अन्तिम परिणामों के अनुसार भारत में बाल लिंग अनुपात 914 है।
6. विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को मनाया जाता है।
7. भारत में सबसे लम्बा बांध हीराकुंड बांध है।
8. कागज जैव निम्नकरणीय है।
9. हीरे का एक कैरेट 100 mg के बराबर है।
10. एल्टा विस्टा एक सर्च इंजन है।
11. प्रति ग्राम इंधन द्वारा मोचित उर्जा की द्रष्टि से एथनोल सर्वोत्तम इंधन है।
12. अधतुओ में भंगुरता गुणधर्म सामान्यत पाया जाता है।
13. पानी की बूंदों का तैलीय प्रष्ठ पर है चिपकने का कारण प्रष्ठ तनाव है।
14. प्लीहा को 'RBCs का कब्रिस्तान' कहते है।
15. "मध्य रात्रि सूर्य" का अर्थ- सूर्य का ध्रुवीय वृत में देर तक चमकना।
Mahatma Gandhi’s views on Education
1. He held the view that colonial education would create a sense of inferiority in the minds of Indians. It would make them think that Western civilization was superior and destroy the pride that they had in their culture.
2. Education in English would cripple Indians, distance them from their own social surroundings and make them strange in their own land.
3. According to him, western education focused on reading and writing rather than on oral knowledge; it valued textbooks rather than lived experience and practical knowledge.
4. He strongly felt that Indian languages ought to be the medium of instruction because this would make easier for them to understand the whole thing and would enable them to recover their sense of dignity and self-respect.
5. Mahatma Gandhi laid emphasis on learning a craft as it world make them work with their own hands and get a practical knowledge of the whole thing. By doing so they would learn how different things operated. The learning of a craft would develop not only their mind but also their capacity to understand. Later on such a thing could help many to earn their own living.
बाजीराव प्रथम
⇒Ckthjko
izFke ckykth dh e`R;q ds ckn “kkgw us mlds cMs+ yMds ckthjko izFke dks viuk
vxyk is”kok cuk;kA ckthjko foLrkjoknh izo`fr dk vkneh FkkA विश्व इतिहास १. पुनर्जागरण
⇒पुनर्जागरण का प्रारम्भ इटली के फ्लोरेंस नगर से माना जाता है।
⇒इटली के महँ कवी दांते (1260 -1321 ईस्वी ) को पुनर्जागरण का अग्रदूत माना जाता है। इनका जन्म फ्लोरेंस नगर में हुआ था।
⇒दांते ने प्राचीन लेटिन भाषा को छोड़कर तत्कालीन इटली की बोल चाल की भाषा 'टस्कन 'में डिवाइन कॉमेडी नामक काव्य लिखा। इसमें दांते ने स्वर्ग और नरक की एक काल्पनिक यात्रा का वर्णन किया है। ⇒दांते के बाद पुनर्जागरण की भावना का पर्श्य देने वाला दूसरा व्यक्ति पेट्राक (1304 -1367 ईस्वी ) था।
⇒पेट्रॉक को मानववाद का संस्थापक माना जाता है। वह इटली का निवासी था।
⇒इटालियन गद्य का जनक कहानीकार बोकेशियो (सन् 1313 -1375 ईस्वी ) को मन जाता है।
कहानीकार बोकेशियो की डेकामेरॉन प्रसिद्ध पुस्तक है।
⇒आधुनिक विश्व का प्रथम राजनितिक चिंतन फ्लोरेंस निवासी मैकियावली (1469 -1567 ईस्वी ) को माना जाता है।
⇒मैकियावली की प्रसिद्द पुस्तक है: द प्रिंस ,जो राज्य का एक नविन चित्र प्रस्तुत करती है।
⇒आधुनिक राजनितिक दर्शन का जनक मेकियावेली को कहा जाता है।
⇒पुनर्जागरण की भावना की पूर्ण अभिव्यक्ति इटली के तीन कलाकारों की कृतियाँ में मिलती है। ये कलाकार थे-लिओनार्डो द विन्ची ,मायकेल एंजेलो और राफेल।
⇒लिओनार्डो द विन्ची एक बहुमुखी प्रतिभा संपन्न व्यक्ति था। वह चित्रकार ,मूर्तिकार ,इंजिनियर ,वैज्ञानिक ,दार्शनिक ,कवी तथा गायक था।
⇒लिओनार्डो द विन्ची 'द लास्ट सपर ' और 'मोनालिसा' नामक अमर चित्रों के रचियता होने के कारण प्रशिद्ध है।
⇒मायकेल एंजेलो भी एक अद्धभूद मूर्तिकार एवं चित्रकार था।
⇒'द लास्ट जजमेंट ' एवं 'द फॉल ऑफ़ मैन ' मायकेल एंजेलो की कृतियाँ है।
⇒सिस्तान के गिरजाघर की छत में मायकेल एंजेलो के द्वारा ही चित्र बनाए गए है।
⇒राफेल भी इटली का एक चित्रकार था , इसकी सर्वश्रेठ कृति जीसस क्राइस्ट की माता मेडोना का चित्र है।
⇒पुनर्जागरण काल में चित्रकला का जनक जियटो को माना जाता है।
⇒पुनर्जागरण काल का सर्वश्रेष्ठ निबन्धकार इंग्लैंड का फांसीसी बेकन था।
⇒होलेण्ड के इरास्मस ने अपनी पुस्तक द प्रेज ऑफ़ फोली में व्यंग्यातमक ढंग से पादरियों के अनैतिक जीवन एवं ईसाई धर्म की कुरीतियों पर प्रहार किया है।
⇒इंग्लैंड के लेखक टॉमस मूर ने अपनी पुस्तक यूटोपिया में आदर्श समाज का चित्र प्रस्तुत किया है।
⇒मार्टिन लूथर ने जर्मन भाषा में बाइबिल का अनुवाद प्रस्तुत किया है।
⇒रोमियो एंड जूलियट शेक्सपियर की अमर कृति है।
⇒इंग्लैंड के रोजर बेकन को आधुनिक पर्योगतमक विज्ञानं का जन्मदाता कहा जाता है।
⇒पृथ्वी सौरमंडल का केंद्र है : इसका खंडन सर्वप्रथम पोलैंड निवासी कोपरनिकस ने किया।
⇒गैलेलियो ने भी कोपरनिकस के सिद्दांत का समर्थन किया।
⇒जर्मनी के प्रसिद्द वैज्ञानिक केपला ने गणित की सहायता से यह बतलाया की ग्रह सूर्य के चारो ओर किस प्रकार घूमते है।
⇒न्यूटन(1642 -1726 ईस्वी )ने गुरुत्वाकर्षण के नियम का पता लगाया।
⇒धर्म- सुधार आंदोलन की शुरुआत 16 वी सदी में हुई।
⇒धर्म- सुधार आंदोलन का प्रवर्तक मार्टिन लूथर था,जो जर्मनी का रहने वाला था। इसने अनुयायी लोलडर्स कहलाते थे।
⇒अमेरिका की खोज क्रिस्टोफर कोलंबस ने की थी।
⇒अमेरिगो बेस्पुसी के नाम पर अमेरिका का नाम अमेरिका पड़ा।
⇒प्रशांत महासागर का नामकारन स्पेन निवासी मैगलन ने किया।
⇒समुद्र के मार्ग से पुरे विश्व का चक्कर लगने वाला पहला व्यक्ति मैगलन था।
कर्नाटक: One State, Many Worlds
कर्नाटक:One State, Many Worlds
कर्नाटक का लिखित इतिहास लगभग 2000 वर्ष पुराना है। कर्नाटक पर नन्द,मौर्य और सातवाहन राजाओ का शासन रहा। चौथी शताब्दी के मध्य से इस राज्य पर कदम्ब और गैंग राजवंशो का शासन रहा। श्रावनबेलगोला में जैन संत गोमतेश्वर की प्रतिमा गैंग वंश के एक राजा के मंत्री चामुंड राय ने बनवाई थी। बदामी के चालुक्य वंश(500 -735 ईस्वी )ने नर्मदा से कावेरी तक के विशाल क्षेत्र पर राज्य किया। इस राजवंश ने बदामी,एहोल और पततदकल में अनेक सुन्दर इमारतों का निर्माण कराया। 753 से 973 ईस्वी तक कन्नड़ साहित्य का विकास हुआ। बहमनी के सुल्तानों और बीजापुर के आदिलशाही सुल्तानों ने यहाँ अनेक भवनों का निर्माण किया तथा उर्दू एवं फ़ारसी साहित्य को भी प्रोत्साहन दिया। ुरोपीय लोगो के आगमन से राज्य में नई फसलों की खेती होने लगी। पेशवा(1818 ईस्वी ) और टीपू सुल्तान (1799 ) की पराजय के बाद कर्नाटक ब्रिटिश शासन के अड़ीं हो गया। 19 वि शताब्दी में ईसाई मशीनरियों ने अंग्रेजी शिक्षा तथा छपाई का प्रसार किया। स्वतंत्रता आंदोलन के साथ साथ कर्नाटक के एकीकरण का आंदोलन भी चलने लगा। बेलगाँव कांग्रेस(1924 ) की अध्यक्ष्ता महात्मा गांधी ने की। स्वतंत्रता के पश्चात 1956 ईस्वी में नए एकीकृत मैसूर राज्य का गठन किया गया और 1973 ईस्वी में इसका नाम बदल कर कर्नाटक रखा गया।परिचय :
राजधानी :बंगलुरु;
क्षेत्रफल :191791 वर्ग किमी;
जनसँख्या ;61130704 ;
लिंगानुपात :968 ;
जनसँख्या घनत्व :319 ;
दशकीय वृद्धि दर : 15.67 %;
साक्षरता :75.60 %;
कुल जिले :29 ;
मुख्य भाषा :कन्नड़ ;
विधानमंडल : द्विसदनीय ;
विधानसभा सदस्य :224 ;
विधान परिषद सदस्य :75 ;
लोकसभा सदस्य: 28 ;
राज्यसभा सदस्य :12 ;
प्रतिवयक्ति आय : 50676 रूपये।
भूगोल:कर्नाटक गोवा और महाराष्ट्र के दक्षिण में ,आंध्र प्रदेश के पश्चिम में ,तमिल नाडु के उत्तर-पूर्व में और केरल के उत्तर में है। राज्य में लगभग 400 किमी लम्बा समुद्र तट है। राज्य में सबसे ऊँची चोटी मुलेयंगिरी है, जिसकी उचाई ६२१७ फुट है। इस राज्य के वनों में सागवान तथा चन्दन के पेड़ मिलते है। कर्नाटक की प्रमुख नदियां है-उत्तर में कृष्णा तथा उसकी सहायक नदियां (भीमा,घाटप्रभा ,मालप्रभा एवं तुंगभद्रा और वेदवंत ) तथा दक्षिण में कावेरी और उसकी सहायक नदियां - हेमवती,शिमशा,अर्कावती ,लक्ष्मण तीर्थ और कबिनो।
अर्थव्वस्था: यह मुख्य रूप से ग्रामीण और कृषि प्रधान राज्य है। इसकी 66% जनसँख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है एवं 56 % श्रम शक्ति क्रषि और इससे सम्बंधित गतिविधियों में लिप्त है। यहाँ की नकदी फसले है-इलायची,सुपारी,नारियल ,मूंगफली,गन्ना और तम्बाकू। वनों से प्राप्त उत्पादों में चन्दन ,सागवान,रबड़ आदि प्रमुख है।
राज्य की कुल आय में उद्योगों का योगदान 20 % है। इस राज्य में सार्वजानिक क्षेत्र के कई प्रतिष्ठान अवस्थित है,जैसे:भारत अर्थ मूवर्स लि.,भारत हैवी इलेकट्रोनिक्स लि। इलेकट्रोनिक उपकरणों के उत्पादन में कर्नाटक भारत में पहले स्थान पर है। इस राज्य को सोने के उत्पादन का भी गौरव प्राप्त है। शिव समुद्रम,शरावती,काली नदी इत्यादि यहाँ की बिजली परियोजनाएं है। यह देश का पहला राज्य है,जिसने गोकेक प्रपात पर 1887 में पन बिजली का उत्पादन किया था।
परिवहन
सड़कें : कर्नाटक में 215849 किमी लम्बी सड़कें है। इसमें 3843 किमी लम्बा राष्ट्रिय राजमार्ग शामिल है।
रेलवे : यहाँ रेल लाइनों की लम्बाई 3089 किमी है।
उड्डयन : राज्य में बंगलौर,बेलगाम ,मंगलोर और हुबली मुख्य हवाई अड्डे है।
बंदरगाह : न्यू मंगलोर राज्य का प्रमुख बंदरगाह है। इस बंदरगाह पर कुद्रेमुख लोह खान से निकले खनिज लोहा के निर्यात के लिए विशेष प्रबंध किया गया है। करवाड बंदरगाह का भी विकास किया जा रहा है और वहां भारतीय नौ सेना की सी बर्ड परियोजना पर काम चल रहा है।
पर्यटन स्थल : राज्य के मुख्य आकर्षणों में सुन्दर पार्कों और उद्द्योगों का नगर बंगलौर,मैसूर का वृन्दावन गार्डन ,आदि है। टीपू सुल्तान की राजधानी श्रीरंगपट्टम में थी। श्रवणबेलगोला स्थित 57 फुट ऊँची गोमतेश्वर(जैन ) की प्रसिध प्रतिमा पर्यटकों का मन मोह लेती है। बेलूर,हलेविड और सोमनथपुरा में विख्यात होयसल स्मारक है। बदामी,एहोल और पट्टादाकल जैसे स्थान चट्टानों को काटकर बनाए गए 1300 साल पुराने मंदिरों के लिए प्रसिद्ध हैं। हम्पी में खुला संगरहलय है तथा गुलबर्गा,बीदर और बीजापुर प्राचीन स्मारकों के लिए जाने जाते हैं। भारत का सबसे बड़ा जलप्रपात जोग मैसूर में है।
उड़ीसा: The soul of Incredible India
उड़ीसा (The soul of Incredible India)
प्राचीन काल में उड़ीसा का नाम कलिंग था। महाकाव्यों में उड़ीसा
को दंडकारण्य का एक भाग बताया गया है ,जिसे कलिंग,उत्कल और उद्र जैसे प्राचीन
नामों से जाता है। तीसरी शताब्दी
ईस्वी पूर्व (261 ) में मौर्य सम्राट
अशोक ने कलिंग को जीतकर अपने साम्राज्य में मिला लिया।
दूसरी शताब्दी में उड़ीसा खारवेल के अधिकार में एक शक्तिशाली
राज्य बना। चौथी शताब्दी में समुंद्रगुप्त ने वह के पांच राजाओ को हराकर उसे अपने प्रभाव में ले लिया। 610 ईस्वी में उड़ीसा शशांक के अधिकार में आया। शशांक की मृत्यु के बाद उड़ीसा पर कन्नौज के पुसयभूति वंशीय शासक हर्षवर्धन ने विजय प्राप्त की। सातवीं शताब्दी में उड़ीसा में स्वतंत्र गंग वंश के राजा हुए। इसी वंश का शासक,नर्सिंघ्वर्मन् कोणार्क में सूर्य मंदिर बनवाने के लिए विख्यात है। चौदहवीं शताब्दी से 1592 ईस्वी तक उड़ीसा पर पांच मुस्लमान राजाओ का राज्य रहा। मुगलों के शासन की महत्ता काम होने के बाद मराठों ने उड़ीसा पर अधिकार कर लिया। वे उस पर 1803 ईस्वी तक शासन करते रहे ,जब तक की अंग्रेजो ने उसे अपने अधिकार में ले लिया। ब्रिटिश काल में १ अप्रैल 1936 ईस्वी में उड़ीसा एक अलग प्रान्त कर दिया गया।
भूगोल: उड़ीसा भारतीय प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्वी तटीय भाग में स्थित है। इसके पूर्व में बंगाल की खाड़ी ,उत्तर में झारखण्ड,पश्चिम में छत्तीसगढ़ ,उत्तर -पूर्व में पश्चिम बंगाल और दक्षिण-पूर्व में आंध्र प्रदेश स्थित है। वर्तमान में बालासोर जिले में स्थित चांदीपुर प्रेक्षपस्त्र परिक्षण केंद्र देश के प्रमुख प्रेक्षेपण स्थल के रूप में विकसित हुआ है।
अर्थव्वस्था: राज्य के 65% से अधिक लोग कृषि पर आश्रित है। कुल 87.89 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिचाई की सुविधा उपलब्द है। चावल,तिलहन,मूंगफली,दाल,जूट,गन्ना,नारियल,हल्दी आदि यहाँ की प्रमुख फसलें है। राज्य में वनों के अंतर्गत कुल वन क्षेत्र 48,855 वर्ग किमी है ,जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 31.38% है।
परिवहन:
सड़कें: राज्य में प्रांतीय राजमार्गों की लम्बाई 3855 किमी ,राष्ट्रीय राजमार्गो की लम्बाई 3704 किमी एवं एक्सप्रेस राजमार्गो की लम्बाई २९ किमी है।
रेलवे: राज्य में रेलमार्गो की कुल लम्बाई 2329 वर्ग किमी है। इसमें 2275 किमी लम्बी बड़ी रेल लाइने तथा 54 किमी छोटी लाइने है।
उड्डयन: भुवनेश्वर में हवाई अड्डा स्थित है,जहां से नई दिल्ली,कोलकाता ,विशाखापत्तनम और हैदराबाद के लिए नियमित उड़ान होती है।
विटामिन और खनिज लवणों के आभाव के कारण होने वाले कुछ रोग / विकार
|
विटामिन/खनिज
|
अभावजन्य रोग /विकार
|
लक्षण |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
असम: The Land of Red Rivers and Blue Hills
असम
असम संस्कृत भाषा शब्द 'असोमा' का पर्याय है जिसका अर्थ है -अद्वित्य। ऑस्ट्रिक, मंगोल, द्रविड़ और आर्य जैसी विभिन्न जातियों की शरणस्थली होने के कारण इस राज्य में मिश्रित संस्कृति का विकास हुआ। प्राचीन काल में असम प्रागज्योतिषपुर के नाम से प्रसिद्ध था। बाद में इसका नाम कामरूप पड़ गया। कामरूप राज्य का सबसे प्राचीन उल्लेख इलाहाबाद में स्थित समुद्रगुप्त के शिलालेख में मिलता है। चीन का विद्वान यात्री हेनसांग लगभग 743 ईस्वी मैं राजा भास्कर वर्मन के निमंत्रण पर कामरूप आया था। यहां 1228 से 1826 तक पूर्वी पहाड़ियों पर आहोमो का शासन कायम रहा। अंग्रेजों ने 1826 की यादंबु संधि के तहत इसे अपने राज्य में मिला लिया। भारत के विभाजन के बाद मुस्लिम बहुल जिला सिलहट पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) में मिला दिया गया। असम को 'लैंड ऑफ द रेड रिवर एंड लुइस' के नाम से भी जाना जाता है। असम पूर्वोत्तर राज्यों का प्रवेश द्वार है। परिचय
राजधानी:दिसपुर ;
क्षेत्रफल :78,438 वर्ग किमी ;
जिले :27 ;
जनसँख्या :31,169,272;
लिंगानुपात :954 :
जनसँख्या घनत्व :397 प्रति वर्ग किमी;
वृद्वि दर (2001 -2011 ):16.93%;
साक्षरता :73.18%;
मुख्य भाषा :असमिया ;
विधानमंडल :एकसदनीय ;
विधान सभा सदस्य :126 ;
लोकसभा सदस्य :14 ;
राज्य सभा सदस्य :7 ;
प्रति वयक्ति आय :27,197रु.।
भूगोल :-असम के उत्तर में भूटान, तिब्बत और अरुणाचल प्रदेश, पूर्व में नागालैंड, म्यांमार तथा मणिपुर, दक्षिण में मेघालय , त्रिपुरा तथा मिजोरम, पश्चिम में बांग्लादेश तथा पश्चिम बंगाल स्थित है।
निवासी तथा अर्थव्यवस्था: लगभग 80% आबादी कृषि पर निर्भर है। राज्य में लगभग 39.83 लाख हेक्टेयर कुल खेती योग्य भूमि है। इसमें से करीब 27.24लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल उगाई जाती है। चावल यहां की मुख्य खाद्य फसल है। इस राज्य की मुख्य व्यापारिक फसलें पटसन,चाय,कपास,तिलहन, गन्ना, आलू आती है, जबकि राज्य की मुख्य बागवानी फसलें है: संतरा, केला, अनान्नास,सुपारी, नारियल और अमरुद आदि। असम में कृषि पर आधारित उद्योगों में चाय का स्थान प्रमुख है। देश में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के कुल उत्पादन में इस राज्य का बड़ा हिस्सा है।
सड़क :सड़कों की कुल लंबाई 37,515 किमी है। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई 2836 किमी है।
रेलवे: असम में कुल 2284 किलोमीटर लंबी रेल लाइन है। इनमें ब्रॉडगेज में 1227 किलोमीटर तथा मीटर गेज में 1057 किलोमीटर रेल लाइनें हैं।
विमान सेवा: असम में छह विमान हवाई अड्डे हैं: गुवहाटी, तेजपुर, डिब्रुगढ़, लखीमपुर, सिलचर और जोरहाट।
जल परिवहन :ब्रम्हपुत्र नदी असम में 700 किलोमीटर का परिवहन मार्ग बनाती है। राज्य अंतर्देशीय जल परिवहन निगम तथा केंद्रीय अंतर्देशीय जल परिवहन निगम जल परिवहन के यात्री और माल सेवाओं का संचालन करते हैं।
त्योहार: 'बिहू' असम का मुख्य पर्व है। यह तीन प्रकार से मनाया जाता है। रंगाली बिहू या बोहाग बिहू खेती के मौसम के शुभारंभ का प्रतीक है। इससे नए वर्ष का शुभारंभ भी होता है। भोगली बिहू,फसल की कटाई का त्यौहार है। कांगली बिहू,या कातीबिहु शरद ऋतू का एक मेला है।
पर्यटन स्थल : कामाख्या मंदिर,उमानन्दा नवगृह मंदिर,वशिष्ट आश्रम ,गन्धिमण्डप ,राज्य संग्रहालय ,मदन कामदेव मंदिर ,शुक्रेश्वर मंदिर,गीता मंदिर आदि दर्शनीय स्थल है। काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क ,मानस ,माजुली,हाजी ,बताद्र्वा, और सुयलकुची (रेशम उद्दोग ) जैसे दर्शनीय स्थल है।
अरुणाचल प्रदेश - The Land of Dawnlit Mountains
अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश का आधुनिक इतिहास 24 फरवरी ,1826 को संपन्न हुई यदंबू संधि के बाद असम में ब्रिटिश सशन लागू होने से शुरू होता है। ब्रिटिश शासकों ने 1838 में असम (उस समय अरुणाचल प्रदेश असम का भाग था। ) को अपने राज्य में मिला लिया। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यह (1962 से पहले )नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफा ) के नाम से जाना जाता था। 1972 में इसे केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया और इसका नाम अरुणाचल प्रदेश रखा गया। अंततः २० फरवरी,1987 को अरुणाचल प्रदेश को भारत के २४ वे राज्य के पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया गया। यह राज्य गुह्वाटी उच्च न्यायालय के छेत्रधिकर में आता है। परिचय
राजधानी :ईटानगर ,क्षेत्रफल :83,743 वर्ग किमी ;कुल जिले :16 ;जनसँख्या :1382611 ;लिंगानुपात:920 ;जनसँख्या घनत्व :17 ;वृद्धि दर (2001 -2011 ):25.92 %; साक्षरता :66.95 %;मुख्य भाषाऐ:मोनपा ,मीजी,अका,शरदकपेंन ,बांगनी ,अपतानी ,तगिन आदि ;विधानमंडल : एकसदनीय ; विधानसभा सदस्य : 40 ; लोकसभा सदस्य :2 ; राज्यसभा सदस्य:1 ;प्रतिवक्ति आय:51,644 रु.
भौगोलिक परिचय : अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम में भूटान,उत्तर में चीन ,उत्तर -पूर्व में तिब्बत,पूर्व में म्यांमार (बर्मा)तथा दक्षिण में असम है। अरुणाचल प्रदेश की सीमा नागालैंड और असम से मिलती है।
राज्य के अर्थव्यवस्था : अरुणाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में अनेक जनजातीय बसी हुई हैं जिनमें प्रमुख है : वांगचू,गेलौंग ,मिनयोंग ,मिशमी,इटु ,तांगसा और दिगरु। 13 जिला शहरों को छोड़कर बाकी राज्य का पूरा इलाका ग्रामीण है। कृषि यह के लोगो का प्रमुख वयवसाय है। यहाँ की अर्थव्वस्था ,जो मुखयतः 'झूम ' की खेती पर आधारित थी , में धीरे धीरे परिवर्तन आने लगा है। चावल यहाँ की मुख्य फसल है। अरुणाचल प्रदेश में वनों , खनिजों तथा पनबिजली संसाधनों का विपुल भंडार है। ईटानगर में उत्तर -पूर्वी क्षेत्रीय टेक्नोलॉजी संसथान स्थापित किया गया है।
परिवहन : इस राज्य में 392 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग है। अलोंग ,दयोरिजो ,पासीघाट ,तेजू और जीरो में वायुदूत सेवाएं उपलब्ध है।
त्यौहार :लोसरखान ,नयोकम ,सीदोना ,अरण ,संगकेन ,रेह ,आराह ,लोकू ,ओमजिले और मोल यहाँ के प्रमुख त्यौहार है।
पर्यटन स्थल : बोमडिला ,तवांग और उसके निकट स्थित भारत का विशालतम बौद्ध विहार तथा ईटानगर का ऐतिहासिक ईटा महल तथा गंगा झील दर्शनीय स्थल है।
पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप 1975
- 41 साल पहले लंदन के लॉर्ड्स स्टेडियम में पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप शुरू हुआ था।
- 1975 में आज ही के दिन लंदन के लॉर्डस स्टेडियम में पहला विश्वकप मुकाबला शुरू हुआ था।
- पहले विश्व कप का पहला मैच भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ जिसमें भारत की हार हुई।
- इस मैच में भारत की ओर से मदन लाल और सुनील गावस्कर जैसे खिलाड़ी शामिल थे।
- इंग्लैंड ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी कर 334 रन बनाए जिसके जवाब में भारत 132 पर ही ऑल आउट हो गया।
- इस मैच में गावस्कर के खेल की कड़ी निंदा हुई। जिन्होंने 174 गेंदों पर मात्र 36 रन बनाए और क्रीज पर अंत तक जमे रहे। पहला विश्व कप वेस्टइंडीज ने जीता था।
खास: 7 से 21 जून तक चले इस विश्वकप में ऑस्ट्रेलिया ,इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, वेस्टइंडीज, श्रीलंका, और पूर्वी अफ्रीका की टीम में शामिल हुई थी।